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करण राजपूत

करण राजपूत

करण राजपूत

उम्र 21, बुनकर

करण ने घर में आर्थिक तंगी के चलते अपनी पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ाई छोड़ने के बाद उन्होंने ईंट, पत्थर आदि उठाने का काम किया, मजदूरी भी की, पर इतनी मेहनत करने के बाद भी उनकी आर्थिक स्तिथि में बिल्कुल भी सुधार नहीं आया। कम पढ़े-लिखे होने के कारण उन्हें कहीं भी काम मांगने में शर्म आती थी और वो अपने आपको केवल मजदूरी के लायक ही समझते थे। लकिन हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र में भैया जी से वार्तालाप करने के बाद उनके विचार बदल गए और उनहोंने प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण लेने के बाद आज वो छह से सात हज़ार रुपए प्रति माह अर्जित कर रहे हैं और अब वे खुश है क्योंकि पहले से कम मेहनत में ज्यादा आमदनी हो रही है। कपड़े की बुनाई के साथ साथ वे ताना बनाने में भी सहयोग करते है।

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