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गंजन ठाकुर

गंजन ठाकुर

गंजन ठाकुर

उम्र 23, बुनकर

गंजन, खेती और मजदूरी से अपने परिवार का पालन करने में असमर्थ था। वह अपना जीवन स्वाभिमान के साथ जीने की इच्छा रखता था। इसी कारण वह किसी के नीचे नौकरी नहीं करना चाहता था। वह अपनी मेहनत के बल पर जीवन में कुछ बनना चाहता था। उसकी यही चाह उसे बीना बारह में स्थित हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र तक ले आई। हथकरघा का प्रशिक्षण प्राप्त कर उसने स्वाश्रित रोजगार प्राप्त कर लिया। जिसमें वह दस हज़ार रुपए प्रति माह से भी अधिक कमा लेता है। जिस स्वाभिमान के जीवन की उसे तलाश थी आज उसने उसे हथकरघा के माध्यम से प्राप्त कर लिया है। ये सम्मान भरा जीवन सबको मिले ऐसी उसकी भावना है।

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